राजभाषा

14 सितम्बर 1949 को देश के संविधान में हिंदी भाषा को संघ की राजभाषा घोषित किया गया है जिसके पश्चात् प्रत्येक भारतीय नागरिक का यह कर्तव्य हो जाता है कि राजभाषा को उन्नति की ओर अग्रसर करें। किंतु केवल संवैधानिक दिशा-निर्देशों से राजभाषा हिंदी का पूरा विकास नहीं हो सकता है। हम सभी को राजभाषा हिंदी के साथ मानसिक एवं आत्मीय रूप से जुड़ना होगा तथा हिंदी की प्रगति के लिए ठोस कदम उठाते हुए उसकी समय-समय पर समीक्षा करनी होगी। अतः सभी कार्यपालकों को अपनी कार्यशैली के जरूरी अंग के रूप में राजभाषा हिंदी के कार्य की समीक्षा करके नई पहल करनी चाहिए ताकि राजभाषा कार्यान्वयन सही ढ़ंग से हो सके और एक स्वाभिमानी राष्ट्र के नागरिक के रूप में हम दुनिया को दिखा सकें कि हमारी संपर्क भाषा हिंदी है, राजभाषा हिंदी है और लोगों के दिलों की भाषा भी हिंदी है। इसी प्रावधान के अनुरूप कार्य करते हुए संविधान की अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए राजभाषा अधिनियम एवं नियमों के अनुरूप जनगणना कार्य निदेशालय, हरियाणा कार्य करता है। निदेशालय में राजभाषा के अधिनियम की धारा 3(3) का पूर्ण रूप से पालन किया जाता है जिसके तहत सामान्य आदेश, ज्ञापन, संकल्प, अधिसूचनाएँ, नियम, करार, संविदा, टेंडर नोटिस, संसदीय प्रश्न आदि द्विभाषी रूप में ही जारी किए जाते हैं।

केन्द्र सरकार के कार्यालयों से भिन्न कार्यालयों तथा राज्यों आदि के साथ पत्राचार की व्यवस्था


  • कार्यान्वयन को ध्यान में रखते हुए राज्यों तथा संघ शासित प्रदेशों को तीन क्षेत्रों “क” “ख” और “ग” क्षेत्र में विभाजित किया है।
    क्षेत्र क्षेत्र में शामिल राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
    बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड़ राज्य और अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, संघ राज्य क्षेत्र।
    गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब राज्य तथा चंडीगढ़, दमण और दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली संघ राज्य क्षेत्र।
    “क” और “ख” क्षेत्र में शामिल नहीं किए गए अन्य सभी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र।
  • जनगणना कार्य निदेशालय, हरियाणा का कार्यालय चण्डीगढ़ संघ राज्य क्षेत्र (ख क्षेत्र) में स्थित होने के कारण उसे (ख) क्षेत्र के कार्यालयों में शामिल नहीं माना जा सकता। चूंकि हमारा कार्य क्षेत्र हरियाणा का है जो कि हिन्दी भाषी क्षेत्र है और (क) क्षेत्र में आता है अतः संघ सरकार की राजभाषा नीति के अनुसार कार्यालय की वास्तविक क्षेत्र स्थिति कार्य क्षेत्र के अनुसार ही मानी जाएगी। तदनुसार हमारा कार्यालय (क) क्षेत्र का कार्यालय ही माना जाता है।
  • जनगणना कार्य निदेशालय, हरियाणा का काम जनता से सीधे सम्पर्क में आकर ही पूर्ण होता है इसलिए जनभाषा का प्रयोग ही जनगणना के लिए उपयोगी है। हिंदी भाषा इस महत् कार्य को सुचारू रूप से सम्पन्न करने में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
  • निदेशालय राजभाषा विभाग के वार्षिक कार्यक्रम में दिए गए मूल पत्राचार के अनुरूप पत्राचार करता है। इस निदेशालय में ‘क’ ‘ख’ एवं ‘ग’ क्षेत्रों के साथ शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है सभी फाइलों में टिप्पणियाँ भी हिंदी में की जाती हैं। कार्यालय में उपस्थित कर्मचारियों को कम्प्यूटर पर हिंदी टाइपिंग के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण दिलाया जाता है।
  • कम्प्यूटर में यूनीकोड के माध्यम से हिंदी सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर कम्प्यूटर पर हिंदी भाषा में काम करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
  • राजभाषा विभाग के निदेशों के अनुसार इस निदेशालय में वर्ष के दौरान विभागीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की चार तिमाही बैठकें आयोजित की जातीं हैं तथा इन बैठकों की अध्यक्षता विभागीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष द्वारा की जाती है। जिसमें राजभाषा नीति के नियमों का पालन करने के बारे में समीक्षा करके इन्हें कड़ाई से लागू करने के लिए विभागीय राजभाषा समिति के सदस्यों को आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए जाते हैं।
नियम 5 का अनुपालन
निदेशालय में हिंदी में प्राप्त सभी पत्रों का उत्तर अनिवार्य रूप से हिंदी में ही दिया जाता है। इस प्रकार राजभाषा नियम 5 का नियमित रूप से पालन किए जाने के पूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।

नियम 11 का अनुपालन
निदेशालय में सभी प्रकार के फार्म, नामपट्ट, बैनर, निमंत्रण पत्र, मोहरें इत्यादि द्विभाषी रूप में छपवाई गईं हैं। अतः राजभाषा, नियम 11 का अनुपालन करने के पूर्ण प्रयास किए जाते हैं।

राजभाषा नियम 1976 का अनुपालन
इस निदेशालय में राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(4) और धारा 8 में दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए राजभाषा विभाग द्वारा बनाए गए सभी नियमों का पालन करने के पूर्ण प्रयास किए जाते हैं।

नराकास की बैठकों में निदेशालय का प्रतिनिधित्व
राजभाषा विभाग द्वारा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) का गठन किया है। यह निदेशालय चंडीगढ़ नराकास का एक सदस्य है। इसकी बैठकों में निदेशालय से विभागीय समिति के अध्यक्ष नियमित रूप से भाग लेते हैं। निदेशालय द्वारा प्रतिवर्ष रू.4,000/- का अंशदान भी दिया जाता है तथा निदेशालय नराकास को राजभाषा हिंदी की छमाही एवं वार्षिक रिपोर्ट भी भेजता है।

वर्ष 2018 माह, नवम्बर से हिंदी प्रोत्साहन योजना लागू की गई
हिंदी में मूल टिप्पण, आलेखन आदि की मासिक प्रोत्साहन योजना को निदेशालय में नियमित रूप से लागू किया गया है। माह के दौरान हिंदी में मूल कार्य करने वाले कर्मचारी को ‘’मासिक हिंदी प्रोत्साहन सम्मान’’ पुरस्कार विभागीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष द्वारा दिया जाता है।

वर्ष के दौरान व्यक्तिशः आदेश नियम 8(4) का अनुपालन
निदेशालय में राजभाषा नियम 8(4) का पूर्ण रूप से अनुपालन किया जाता है जिसके तहत प्रतिवर्ष निदेशालय के राजभाषा अध्यक्ष द्वारा हिंदी में प्रवीणता प्राप्त सभी स्टाफ सदस्यों को सम्पूर्ण कार्य हिंदी में ही करने के व्यक्तिशः आदेश जारी किए जाते हैं।

विगत वर्षों की तुलना में राजभाषा हिंदी का कार्य दिनों-दिन आगे बढ़ रहा है और आशा है कि निकट भविष्य में जनगणना हरियाणा का कार्यालय हिंदी कार्यान्वयन की दिशा में उन सभी लक्ष्यों को प्राप्त कर लेगा जो राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित किए गये हैं।कार्यालय के सतत् प्रयासों से हिंदी को आगे बढ़ाने की दिशा में संविधान की मंशा के अनुरूप कार्य संपन्न हो रहे हैं। आगे आने वाले समय में संविधान निर्माताओं की उन भावनाओं को पूर्ण करने का प्रयास होगा जिसके तहत उन्होंने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया है।